बस्तर के विकास और सुरक्षा को लेकर जगदलपुर में बड़ी रणनीतिक बैठक,,,,, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में ‘मध्य क्षेत्रीय परिषद’ की 26वीं बैठक, चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी से बढ़ी उम्मीदें,,,,,,, (अनूप शर्मा)
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर आज देश की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकों में से एक का साक्षी बनने जा रहा है।

बस्तर के विकास और सुरक्षा को लेकर जगदलपुर में बड़ी रणनीतिक बैठक,,,,,
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में ‘मध्य क्षेत्रीय परिषद’ की 26वीं बैठक, चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी से बढ़ी उम्मीदें,,,,,,,
(अनूप शर्मा)
जगदलपुर/रायपुर (बस्तर बन्धु) – केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ समापन समारोह में पहुंचे हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, सांसद कांकेर श्री भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव सहित महापौर श्री संजय पांडे और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी केन्द्रीय गृह मंत्री का अभिवादन करते हुए उनका स्वागत किया। इस दौरान कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा मौजूद रहे।

बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर आज देश की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकों में से एक का साक्षी बनने जा रहा है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हो रही ‘मध्य क्षेत्रीय परिषद’ (Central Zonal Council) की 26वीं बैठक को बस्तर और छत्तीसगढ़ के भविष्य की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं मेजबान , उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री , मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी शामिल हो रहे हैं। बैठक को नक्सल उन्मूलन, अंतरराज्यीय समन्वय, आंतरिक सुरक्षा और बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार बैठक का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना, राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा विकास कार्यों को नई गति देना है। लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती झेल चुके बस्तर में अब केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त रणनीति के कारण हालात तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में यह बैठक आने वाले समय में बस्तर और छत्तीसगढ़ की दिशा और दशा तय करने वाली बड़ी पहल मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सख्त रणनीति और लगातार मॉनिटरिंग के कारण देशभर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई संभव हो सकी है। छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा बलों की सक्रियता, आधुनिक तकनीक के उपयोग और बेहतर समन्वय के चलते नक्सली गतिविधियों पर लगातार प्रभावी नियंत्रण देखने को मिला है। यही कारण है कि अब बस्तर क्षेत्र में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
बैठक में सड़क, रेल, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष चर्चा होने की संभावना है। बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों में भी नई गति देखने को मिलेगी।
प्रदेश की जनता इस बैठक को बस्तर के सुनहरे भविष्य की दिशा में बड़ा संकेत मान रही है। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल चुके बस्तर में अब शांति, विश्वास और विकास का वातावरण बन रहा है। आम लोगों का कहना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकार की इसी प्रकार मजबूत रणनीति जारी रही तो आने वाले वर्षों में बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह बैठक केवल सुरक्षा समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बस्तर और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। भाजपा सरकार इसे “सुरक्षित बस्तर, विकसित बस्तर” के संकल्प को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम मान रही है।
