कांकेर सांसद मोहन मंडावी क्या केंद्रीय मंत्री बनेंगे….??
कांकेर से पांच बार सांसद रहें अरविंद नेताम के बाद केंद्र में कोई नहीं बना मंत्री....

काँकेर सांसद मोहन मंडावी क्या अतिशीघ्र केंद्रीय मंत्री बनेंगे ?,,,,
(अनूप शर्मा)
(बस्तर बन्धु)
कांकेर – राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से छन छन कर आ रही अटकलों को यदि सही माना जाए तो कांकेर से लोकसभा सांसद मोहन मंडावी शीघ्र ही केंद्रीय मंत्री बनने वाले हैं। शायद इस समाचार से न केवल कांकेर बल्कि सारे बस्तर अंचल में हैरानी होगी क्योंकि बस्तर तथा कांकेर के लोग लगभग भूल चुके हैं कि कभी किसी जमाने में केंद्र में उनके भी एक मंत्री होते थे, जिनका नाम था अरविंद नेताम, जो अपनी पांच बार की सांसदी में दो बार केंद्रीय मंत्री बने थे और उन्हें विभाग भी बड़े महत्वपूर्ण दिए गए थे। पहली बार शिक्षा विभाग और दूसरी बार कृषि विभाग। अरविंद नेताम जी का दौर बीतने के बाद जब भाजपा का दौर आया, तो आशा की जाती थी कि लगातार कांकेर से सांसद चार बार रहने वाले सोहन पोटाई कभी ना कभी तो मंत्री बनेंगे ही लेकिन अटल जी ने ना तो उन्हें कभी मंत्रिमंडल में लिया और ना बस्तर के सांसद दिग्गज कहे जाने वाले बलीराम कश्यप जैसे महाबली को कोई तवज्जो दी । अटल जी के मंत्रिमंडल में 5 वर्ष में 11 बार विस्तार हुए लेकिन न जाने क्यों हर बार भाजपा हाईकमान ने बस्तर या कांकेर से किसी को मंत्रिमंडल में लेने की सहमति नहीं दी। इस कारण बस्तर अंचल में भाजपा के प्रति नाराजगी फैलने लगी। इस आक्रोश के अनेक कारण थे किंतु सोहन पोटाई और बलीराम जी को मंत्रिमंडल में नहीं लिया जाना, यह भी असंतोष का बहुत बड़ा कारण था। नतीजा यह हुआ कि 2019 में बस्तर से भाजपा का सांसद नहीं चुना गया और 2018 में विधानसभा में तो भाजपा का सूपड़ा ही साफ हो गया था। आगामी विधानसभा में सत्तारूढ़ होने के लिए भाजपा तड़प रही है और भाजपा के सर्वेक्षण वीरों ने उसे साफ-साफ बता ही दिया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में बस्तर तथा कांकेर का प्रतिनिधित्व यदि अतिशीघ्र नहीं दिया गया , तो अगले विधानसभा चुनाव में भी सूपड़ा साफ हो सकता है। मोदी सरकार ने सर्वेक्षण रिपोर्ट पर ध्यान दिया होगा, तो पाया होगा कि बस्तर में तो उसका सांसद है ही नहीं लेकिन कांकेर में अवश्य है। इसलिए आनन-फानन में कांकेर सांसद को बस्तर और कांकेर दोनों के तुष्टीकरण के लिए मंत्री बनाना इस बुरे समय के लिए आवश्यक लगा होगा। सूत्र बताते हैं कि 1 सप्ताह के अंदर ही छोटा भाई और मोटा भाई अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार करने वाले हैं, उसमें स्थान पाने के लिए देशभर के कई भाजपा सांसद दौड़ते, भीगते ,भागते , गिरते, पड़ते दिल्ली भागे हैं। कांकेर से मोहन मंडावी भी अब तब में दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाले ही हैं । बस्तर बन्धु

तथा समस्त कांकेर बस्तर वासियों को खुशी ही होगी, यदि गुजराती भाईजी की मेहरबानी हो जाए और कोई महत्वपूर्ण कुर्सी मोहन मंडावीजी के हाथ लग जाए। उन्हें बिल्कुल देर नहीं करनी चाहिए ,जल्दी से जल्दी नई दिल्ली पहुंचना चाहिए। कुर्सी मिल जाए तो ठीक है, अन्यथा तुलसीदासजी ने तो क्लियर लिख दिया है कि
” _होई है सोई, जो राम रचि राखा,_
_को करि तर्क बढ़ावहि साखा “_
