शंकर ध्रुवा, विरोधियों के लिए भयंकर ध्रुवा,,,,,,,

- शंकर ध्रुवा, विरोधियों के लिए भयंकर ध्रुवा,,,,,,
,◾ अनूप शर्मा ◾
कांकेर- (बस्तर बन्धु ) विधानसभा क्षेत्र से भारतीराष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार शंकर ध्रुवा ( जिन्हें उनके कुछ साथी भाजपा के लिए भयंकर ध्रुवा भी कहते हैं ), राजनीति के अखाड़े में पुराने पहलवान हैं, जिन्हें अब उस्ताद का भी दर्जा प्राप्त हो चुका है। वे सन् 2013 से 2018 तक विधायक भी रह चुके हैं। काँकेर सीट उस समय उन्होंने भाजपा से छीन कर तहलका मचा दिया था। वह एक निष्ठावान खानदानी कांग्रेस मैन रहे हैं, जिन्होंने कभी दल बदल की बात सोची भी नहीं। उनके बड़े भैया आत्माराम जी सन् 1980 से 1985 तक काँकेर विधायक रहे थे। जिनकी एक सड़क दुर्घटना में अकाल मृत्यु के पश्चात उनकी पत्नी तथा शंकर ध्रुवा जी की भाभी श्यामाबाई ध्रुव को कांग्रेस टिकट मिला था और वे विजयी भी हुई थीं। इस प्रकार ध्रुवा परिवार एक ऐसा परिवार है, जिससे तीन-तीन विधायक हुए हैं। आत्माराम जी ने एक बार श्यामा जी ने दो बार मध्य प्रदेश विधानसभा में कांकेर का प्रतिनिधित्व किया और तीसरे सदस्य शंकर जी भी 2013 से 2018 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस विधायक रह चुके हैं।अब क्षेत्रीय जनता को आशा है कि वर्तमान विधानसभा चुनाव में भी उनकी निश्चित विजय होगी और वह छत्तीसगढ़ विधानसभा में अपनी दूसरी पारी शुरू करेंगे । हो सकता है कि वरिष्ठता के आधार पर मंत्री भी बन जाएं। पिछले 5 वर्षों में शंकर जी विधायक नहीं थे किंतु कांग्रेस संगठन पर उनका बराबर ध्यान था और उनकी पार्टी सेवा के मद्दे नज़र उन्हें पुरस्कृत करते हुए राज्य शासन ने जिला सहकारी बैंक का अध्यक्ष भी नियुक्त किया था । मिलनसार, हंसमुख, शंकर ध्रुवा जहां भी जाते हैं ,वहां खुशियां बिखेरते रहते हैं । बड़े बुजुर्गों, महिलाओं का सम्मान, युवकों को प्रोत्साहन, किसान मज़दूर से भाईचारा, ये सारे गुण शंकर जी में शुरू से ही कूट-कूट कर भरे पड़े हैं । उनका व्यवहार उनके बड़े भैया स्वर्गीय आत्माराम जी की याद दिलाता है। दोनों भाई अपने मधुर व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में शंकर ध्रुवा जी का चुनाव प्रचार अत्यंत सादगी और शालीनता के साथ चल रहा है। गाड़ियों की कमी की पूर्ति उनके द्वारा घर-घर जनसंपर्क से बहुत अच्छी तरह की जा रही है। इस बात में किसी को कोई शक नहीं है कि इस बार भी कांकेर से शंकर जी ही जीतेंगे और न केवल विधायक बल्कि कैबिनेट मंत्री भी बनेंगे।

