नेशनल हाईवे का नवनिर्मित रपटा बह गया ,जनता परेशान,,,
सांसद मोहन मंडावी ने करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का लगाया आरोप.

▪️अनूप शर्मा▪️
काकेर – ( बस्तर बन्धु ) – कांकेर से बारदेवरी मार्ग की जर्जर हालत को देखते हुए आज मौके पर पहुंचे कांकेर सांसद मोहन मंडावी ने बरसात के मौसम में नदी में डायवर्टेड सड़क निर्माण को लेकर गहरी आपत्ति दर्ज करते हुए कहा की बरसात के मौसम में डायवर्टेड सड़क का निर्माण किया जाना मुर्खता हैं…..उन्होंने कहा की भाजपा सरकार द्वारा बाईपास मार्ग स्वीकृत किया गया हैं लेकिन आज पांच साल होने जा रहें हैं सड़क निर्माण पूरा नहीं हुआ हैं…..उन्होंने बह गए डायवर्टेड मार्ग पर करोड़ों के भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए…..

छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के सलाहकार हाजी वल्ली मोहम्मद ने सड़क की दुर्दशा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए बस्तर बन्धु को फोन किया। जिसके बाद बस्तर बन्धु की टीम ने हाजी वल्ली भाई एवं नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी नानक आहूजा के साथ जाकर उक्त मार्ग का निरीक्षण किया…..बस्तर बन्धु ने पाया कि कांकेर नगर के राष्ट्रीय राज मार्ग 30 के नानंदमारा(माकड़ी) पुल को कुछ माह पूर्व प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित किया गया था एवं भारी वाहनों की आवाजाही के लिए परिवर्तित (डायवर्टेड) मार्ग बारदेवरी मार्ग की अनुमति प्रशासन द्वारा दी गई थी ,जिसके बाद से बारदेवरी मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बहुत बढ़ गई हैं….
जिसके चलते बारदेवरी मार्ग की हालत बहुत खराब हो गई है । जगह जगह गड्ढे हो गए हैं….रास्ते में पड़ने वाले कई छोटे छोटे पुल भी क्षतिग्रस्त हो गये हैं..जिससे कभी भी गंभीर दुर्घटनाएं घट सकती हैं…..वहीं नानंदमारा (माकड़ी) पुल के बाजू नदी में प्रशासन द्वारा डायवर्टेड रोड का निर्माण किया गया था ताकि भारी वाहनों की आवागमन इस मार्ग से प्रारंभ किया जा सके लेकिन दो दिनों की बारिश में ही लाखों रुपए से निर्मित सड़क बह गई…..सड़क निर्माण में घोर लापरवाही ठेकेदार के द्वारा बरती गई हैं….जो कि जांच का विषय हैं….हजारों की संख्या में प्रतिदिन कांकेर शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग से वाहनों की आवाजाही होती हैं क्यों कि कांकेर से एक मात्र सड़क मार्ग ही है, जो सीधे जगदलपुर ,बस्तर, बेलाडिला बचेली को जोड़ता हैं…..उसके बाद भी गुणवत्ता विहीन सड़क निर्माण करना बहुत बड़ी लापरवाही है…..रेल मार्ग अब भानुप्रतापपुर से प्रारंभ अवश्य हो गया हैं लेकिन सड़क मार्ग का उपयोग अब भी बड़ी संख्या में किया जा रहा है…..वैसे भी आजादी के बाद 70 साल से बस्तर का दोहन सड़क मार्ग से ही किया जाता रहा हैं… क्यों कि और कोई दूसरा विकल्प ही नहीं ।कल बार देवरी रोड पर नीलगिरी बल्ली से भरी हुई ट्रक भी पलट गई थी।

आए दिन रोड की खराब स्थिति के कारण हादसे भी हो रहे हैं….प्रशासन को चाहिए, इस रोड पर जो दुर्घटनाएं हो रही हैं, उस पर अंकुश लगाया जाए…. रोड की दुर्दशा अत्यंत ही चिंताजनक है…..क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? उसके पहले रोड की हालत दुरुस्त होनी चाहिए….कांकेर से बारदेवरी मार्ग में पड़ने वाले ग्रामों के लोगों में भी भारी आक्रोश व्याप्त है । ग्रामीणों ने चर्चा के दौरान चक्का जाम कर विरोध करने की बात भी कही है। प्रशासन से आशा की जाती है की अब तो उचित ध्यान दें।





