कांग्रेस के सुपर स्टार प्रचारक राहुल गांधी बस्तर/काँकेर जिले की धरती पर,,,,,,,
नेहरू गांधी परिवार की चौथी पीढ़ी का इस आदिवासी क्षेत्र का दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण,,,

कांग्रेस के सुपर स्टार प्रचारक राहुल गांधी 28 अक्टूबर को बस्तर/काँकेर जिले की धरती पर,,,,,,,
नेहरू गांधी परिवार की चौथी पीढ़ी का इस आदिवासी क्षेत्र का दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण,,,
कांकेर में दो बार आ चुके हैं राहुल गांधी…..एक बार नरहरदेव स्कूल में युवा कांग्रेस के कार्यक्रम में और दूसरी बार भी नरहरदेव स्कूल आए थे चुनावी जनसभा को संबोधित करनें….

◾अनूप शर्मा◾
( बस्तर बन्धु )
कांकेर/ भानु प्रतापपुर,,,, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सुपर स्टार प्रचारक राहुल गांधी के इस आदिवासी क्षेत्र में चुनाव प्रचार हेतु आगमन की ख़बर से आम जनता में भारी हर्ष है। वे 28 अक्टूबर तथा 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे….28 अक्टबर को भानूप्रतापुर एवं फरसगांव की जनसभा को संबोधित करेंगे । कांग्रेस कमेटी से प्राप्त सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी फरसगांव ,कोण्डागांव,भानुप्रतापपुर और कवर्धा में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ में चुनावी शतरंज की बिसात बिछ चुकी है और कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी सहित अनेक दलों के नेता चुनावी मैदान में जनता के मध्य पहुंच रहे हैं तथा अपनी पार्टी के पक्ष में वोट करने की अपील विभिन्न तरीकों से कर रहे हैं। पिछले काफी समय से नेताओं के दौरे चुनावी सीज़न में लगातार जारी हैं। इसी सिलसिले में राहुल गांधी 28 तथा 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ दौरे में कवर्धा के अलावा बस्तर अंचल के फरसगांव, कोंडागांव तथा भानुप्रतापपुर में भी जनसभाएं लेंगे, इस संबंध में पार्टी द्वारा शानदार तरीक़े से स्वागत की तैयारी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू 1954 में बस्तर आए थे और जगदलपुर में उनके द्वारा जहां भाषण दिया गया था, वह मंच आज भी बदले हुए स्वरूप में मौजूद है। इसके पश्चात श्रीमती इंदिरा गांधी ने बस्तर दौरा 1972 तथा 1980 में किया था, जिसमें कांकेर में भी उनकी जनसभा हुई थी। संजय गांधी 1977 में जगदलपुर के अलावा अबूझमाड़ के कोहका मेटा तथा कुछ अन्य गांवों में भी गए थे और अबूझमाड़िया आदिवासियों से मुलाक़ात भी की थी। राजीव गांधी 30 अक्टूबर 1984 को बस्तर दौरे पर आए थे उसे समय वे पार्टी महासचिव थे लेकिन अगले ही दिन उनकी माता श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या हो जाने के कारण उन्हें प्रधानमंत्री पद ग्रहण करना पड़ा था। अब उनके पुत्र तथा पुत्री प्रियंका गांधी एवं राहुल गांधी भी बस्तर की धरती पर क़दम रख चुके हैं । इस प्रकार यह चौथी पीढ़ी है, जिसने किसी ज़माने में उपेक्षित रहे बस्तर तथा कांकेर क्षेत्र का दौरा किया है।
