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एक जैसे दो मामलों में उपभोक्ता आयोग ने पीड़ितों को इंसाफ़ दिलाया

एक जैसे दो मामलों में उपभोक्ता आयोग ने पीड़ितों को इंसाफ़ दिलाया…,,

◾बस्तर बन्धु◾

कांकेर । उत्तर बस्तर जिला उपभोक्ता आयोग कि माननीय अध्यक्ष श्रीमती सुजाता जसवाल तथा माननीय सदस्य डाकेश्वर सोनी जी ने एक बार फिर पीड़ितों को न्याय दिलाते हुए एक जैसे दो मामलों में बदनाम फाइनेंस कंपनी चोलामंडलम को जोरदार झटके दिए हैं और ब्याज सहित राशि के भुगतान के अलावा फाइन तथा मुकदमे का हरजा खर्चा भी पीड़ितों को दिलवाने का आदेश दिया है। दोनों मामलों में पहला शहर के पुराने बस स्टैंड में चाय स्टाल लगाकर रोजी-रोटी चलने वाले रामेश्वर कश्यप का है और दूसरा केशकाल निवासी बलिराम सिन्हा का है। इन दोनों ने अपनी आय में वृद्धि हेतु मैक्सिमो वाहन फाइनेंस करवाए थे, जिसमें चोलामंडलम नामक चेन्नई की बदनाम फाइनेंस कंपनी (जो तमिलनाडु से अज्ञात कारणों से भगाई गई है ,छत्तीसगढ़ में धंधा कर रही है और सीधे-साधे लोगों के साथ फाइनेंस के नाम पर लूटपाट मचा रखी है)। इनमें से श्री रामेश्वर कश्यप ने मैक्सिमो वाहन के बंधक पर चोलामंडलम से 2,77,000 कर्ज लिया था । कुछ समय पश्चात वाहन में खराबी आने लगी और बहुत खर्च होने लगा तो उपभोक्ता ने धमतरी के शोरूम में व्हीकल खड़ा कर दिया और अपील की कि व्हीकल का रिप्लेसमेंट करें अथवा सुधारें लेकिन फाइनेंस कंपनी अथवा विक्रेता किसी ने इस बात पर कोई रुचि नहीं ली और ब्याज बढ़ता रहा। जब व्हीकल चल ही नहीं रहा था, तो रामेश्वर कश्यप किश्त कहां से पटाते ? कंपनी नोटिस पर नोटिस देती गई अंततः उक्त वाहन को चारामा गेराज से विरोधी पक्ष द्वारा जबरन अपने अधिपत्य में ले लिया गया, जिसकी कोई सूचना परिवादी को नहीं दी गई। गाड़ी जब्ती के संबंध में किसी कानून का पालन नहीं किया गया। इसी प्रकार केशकाल के निवासी बलिराम सिन्हा ने भी मैक्सिमो वाहन खरीदी हेतु चोलामंडलम से ₹300000 फाइनेंस करवाया था । वह किश्त भी बराबर जमा कर रहा था लेकिन 29 9 2014 को 1,74, 474 की राशि मात्र बकाया थी, तब परिवादी के वाहन को बिना नोटिस बिना सूचना विरोधी पक्ष द्वारा जब्त कर ले जाया गया और उसके बाद भी वसूली के लिए लगातार नोटिस देते रहे। परिवादी को उक्त वाहन के संबंध में कोई भी दस्तावेज एवं अनुबंध प्रेषित नहीं किया गया। इस बीच में दोनों परिवादियों को चोलामंडल कंपनी द्वारा चेक बाउंस का आरोप लगाकर भी परेशान किया गया। अंततः वर्षों तक नुकसान उठाने और धक्के खाने के पश्चात दोनों पीड़ितों का मामला उपभोक्ता आयोग जिला कांकेर के सामने आया, जहां उन पर सहानुभूति पूर्वक तथ्य दर तथ्य विचार करते हुए नीरक्षीर विवेक का परिचय देकर जिला उपभोक्ता आयोग की माननीय अध्यक्ष श्रीमती सुजाता जसवाल तथा माननीय सदस्य डाकेश्वर सोनी की बेंच ने 29 नवंबर को आदेश दिया कि विक्रेता तथा फाइनेंस कंपनी चोलामंडलम, उपभोक्ता रामेश्वर कश्यप को मैक्सिमो जीप की कीमत की राशि 340000 एक माह के अंदर 7% ब्याज सहित (11 8 2017 से लागू )प्रदान करें । इसमें विलंब होने पर एक माह के पश्चात ब्याज की राशि 9% वसूल की जाएगी। आर्थिक क्षति हेतु रामेश्वर कश्यप को 50,000 रुपए की राशि विरोधी पक्ष प्रदान करेगा, साथ ही मानसिक पीड़ा एवं परेशानी के संबंध में क्षतिपूर्ति ₹10000 तथा मुकदमे का खर्च ₹3000 भी मिलेंगे। विरोधी पक्ष पर ₹10000 का अर्थ दंड भी लगाया गया है क्योंकि उन्होंने व्यावसायिक कदाचरण तथा सेवा में कमी का अपराध किया है। यह रकम उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा होगी । इसी तरह पीड़ित पक्ष बलीराम सिन्हा को भी विरोधी पक्ष द्वारा मैक्सिमो वाहन की कीमत की राशि ₹300000 एक माह के भीतर 11 8 2017 से लागू 7% ब्याज के साथ अदा करनी होगी । इसमें विफल रहने पर ब्याज की राशि 9% कर दी जाएगी। व्हीकल न चलाई जाने के कारण हुई आर्थिक क्षति हेतु ₹50000 की राशि भी देनी होगी तथा शारीरिक मानसिक पीड़ा एवं परेशानी के संबंध में क्षतिपूर्ति राशि ₹10000 भी एक माह के भीतर प्रदान करेंगे, साथ ही मुकदमे का व्यय ₹3000 भी विरोधी पक्ष को वहन करना होगा। इन दोनों फैसलों से विरोधी पक्ष विशेष कर चोलामंडलम नमक बदनाम फाइनेंस कंपनी को जोरदार झटका लगा है ,जिससे आम जनता में बड़ी प्रसन्नता है क्योंकि इस कंपनी के ऐसे एक नहीं कई मामले हैं, जिसमें उन्होंने अंग्रेजी में लिखा पढ़ी कर उपभोक्ताओं को धोखा दिया है, उनके चेक बाउंस किए हैं तथा मुकदमे की कार्यवाही चेन्नई तमिल नाडु में करने की धमकी दी है। कुछ लोगों को चेन्नई तक दौड़ना भी पड़ा है । ऐसी तानाशाही हरकतों वाली फाइनेंस कंपनी के विरुद्ध झटकेदार न्याय होने के कारण जनता में हर्ष है तथा उपभोक्ता आयोग पर जनता का विश्वास दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।

Bastar Bandhu

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