रेल से संबंधित “बस्तर बंधु ” में प्रकाशित समाचारों का अच्छा स्वागत ,,,,अनुकूल प्रतिक्रिया,,,,कांकेरवासियों के आशा के केंद्र आशाराम नेताम बनें हुए हैं और कांकेर की जनता को पूरा विश्वास भी हैं कि उनकी आशाओं में आशाराम नेताम अवश्य ही खरें उतरेंगे…..

रेल से संबंधित “बस्तर बंधु ” में प्रकाशित समाचारों का अच्छा स्वागत ,,,,अनुकूल प्रतिक्रिया,,,,
◾कांकेरवासियों के आशा के केंद्र आशाराम नेताम बनें हुए हैं और कांकेर की जनता को पूरा विश्वास भी हैं कि उनकी आशाओं में आशाराम नेताम अवश्य ही खरें उतरेंगे…..




◾अनूप शर्मा◾
कांकेर (बस्तर बन्धु)- आपके लोकप्रिय समाचार पत्र में विगत दिनों प्रकाशित बस्तर तथा कांकेर के रेल की मांग से संबंधित हमारे लेखों का काँकेर एवं बस्तर क्षेत्र में बहुत स्वागत हुआ है और अच्छी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विगत माह संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में प्रचार हेतु कांकेर के गोविंदपुर खेल मैदान पहुंचे थे जहां उन्होंने संपूर्ण छत्तीसगढ़ के साथ साथ कांकेर विधासभा के भी सर्वागीण विकास किए जाने की गारंटी ली थी….छत्तीसगढ़ के अधिकांश विधानसभा सीटों के साथ साथ कांकेर विधानसभा क्षेत्र से भी भाजपा प्रत्याशी आशाराम नेताम विजयी हुए हैं…सरकार के बदलाव से कांकेर नगरवासी बहुत उत्सुक नजर आ रहें हैं…।
आशाराम नेताम भी विधायक बनते ही बहुत सक्रिय हो गए हैं जनभानावओं के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्रीज कांकेर जिला इकाई के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कांकेर विधायक आशाराम नेताम के माध्यम से कांकेर में रेल मार्ग की मांग को लेकर पत्र लिखा हैं….उक्त जनभानाओं के अनुरूप विधायक आशाराम नेताम ने कांकेरवासियों की उम्मीद और उनकी अपेक्षाओं को पूरा करनें तथा प्रधानमंत्री की विकास की गारंटी को और अधिक गति देने एवं उसे पूरा करनें हेतु गंभीरता से प्रयास करतें नजर आ रहें हैं….कांकेर क्षेत्र के विकास कार्यों के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए आम जनता के बीच उनकी जमकर प्रशंसा हो रही हैं।
कांकेर में रेल मार्ग की मांगों के समर्थन में चेंबर ऑफ कॉमर्स, अनेक राजनीतिक दल, सांसद ,विधायक सभी सक्रिय हो उठे हैं….आज इस संबंध में एक आवश्यक बैठक विधायक आश्रम नेताम की अध्यक्षता में चेंबर अध्यक्ष दीपक शर्मा की दुकान ओम साई टेंट हाउस में आयोजित की गई थी…जिसमें नई दिल्ली के लिए यहां से डेलिगेशन कब जायेगी और कौन कौन जायेंगे इसके लिए 2 जनवरी को होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा…..जो रेल मंत्री (तथा ज़रूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री ) से भी मिलकर बस्तर तथा कांकेर में सीधी रेल सेवा की मांग करेगा, इसमें कुरूद से लिकमा ,बोरई तक भी 79 वर्ष पुराने रेल मार्ग को जीवित करने की बात फिर से उठाई जा सकती हैं….. इस दौरान अनेक व्यक्ति पुरानी रेलवे लाइन के अवशेषों को देखने के लिए सिहावा,नगरी, लिकमा, सिंहपुर, दुगली आदि स्थानों की सैर कर आए हैं और उन्होंने पुष्टि की है कि वहां अंग्रेज़ों के समय के रेल मार्ग, स्टेशन ,कुंआ, स्टाॅफ क्वार्टर्स ,रेलवे का कबाड़, लोहा, आदि आज भी स्थान- स्थान पर दिखाई पड़ता है। कांकेर वासियों को आशा है कि इस प्रकार से चौतरफ़ा प्रयास होंगे, तो वह दिन दूर नहीं, जब कांकेरवासी अपने शहर में भी रेल देखेंगे…..फिलहाल यही कहा सकता हैं कांकेरवासियों के आशा के केंद्र आशाराम नेताम बनें हुए हैं और कांकेर की जनता को पूरा विश्वास भी हैं कि उनकी आशाओं में आशाराम नेताम अवश्य ही खरें उतरेंगे।
