कांकेर के युवा पत्रकार राकेश शुक्ला ने कांकेर नगर के मुख्यमार्ग चौड़ीकरण को लेकर ठेकेदार के खिलाफ लगाए गंभीर आरोप…..
कांकेर सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और अनियमितता का आरोप....

कांकेर के युवा पत्रकार राकेश शुक्ला ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर ठेकेदार पर लगाया गंभीर आरोप…..
▪️कांकेर सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा 

भ्रष्टाचार और अनियमितता किए जाने की पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल।



▪️राकेश शुक्ला ▪️
(बस्तर बन्धु)
कांकेर – कांकेर शहर के सड़क चौड़ीकरण को लेकर सोशल मीडिया में लोगों का गुस्सा फूट रहा हैं….कांकेर नगर के युवा पत्रकार राकेश शुक्ला ने शहर के सबसे बड़े Whatsapp Group में किए अपने पोस्ट में बहुत ही मुखर रूप से आरोप लगाते हुए कहा हैं कि…..कांकेर शहर के अंदर सेंट माईकल स्कूल से लेकर सिंगारभाट बाफना लॉन तक बन रहे सड़क निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार एवम अनियमितता हो रही है, बारिश काल में बन रहे सड़क निर्माण कार्य से शहर वासियों का राह चलना दुभर हो गया है, गुणवत्ता का ख्याल नही रखा जा रहा है, सबसे आश्चर्य जनक बात यह है कि इस निर्माण कार्य में जमकर मनमानी हो रही है पर कोई भी स्थानीय जनप्रतिनिधि इस अव्यवस्था के बारे में बोल नही रहा है सभी चुप्पी साधे हुए हैं, शहर के अंदर सड़कों में गढ्ढे ही गढ्ढे और कीचड़ ही कीचड़ है, राह चलना दुभर है पर हर बारिश में सड़कों को तहस नहस करना जैसे ठेकेदारों को अपना अधिकार लगने लगा है, अच्छा है समय रहते बारिश से पहले रिंग रोड का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया अन्यथा सड़क की क्या दुर्दशा होती इसका अंदाजा लगाना मुश्किल था, वैसे तो हर साल सड़क की ऐसी दुर्दशा करने का हक ठेकेदारों को नही है पर जब सभी जिम्मेदार कुंभकर्ण की निद्रा में सोए हुए तो शहर में चिखला मताने का हक तो ठेकेदार को बनता ही है, जब तक एक तरफ का सड़क पूर्ण न हो जाए दूसरे साइड की सड़क को नही खोदना चाहिए, सबसे आश्चर्य की बात है कि कितने बजट की सड़क बन रही है क्या खर्च है कब तक की समय सीमा है कितना चौड़ा कितना लंबा है क्या सड़क का अनुपात है इस विषय में एक जन सूचना का साईन बोर्ड भी नही लगाया गया है, जिम्मेदार ठेकेदार अपने हिसाब से सड़क का चौड़ीकरण कर रहे हैं । सड़क के किनारे के सभी हरे भरे वृक्षों को बेदर्दी से काट दिया गया है और सड़क में ही कटे हुए पेड़ को रहने दिया गया है, राहगीरों के लिए अब वृक्ष की छाया भी नसीब नही हो रही है, कहते हैं अहिंसा परमो धर्म है और ठेकेदार न ना सिर्फ हरे भरे वृक्षों को बलि ले ली वृक्ष में आश्रित कई जीव जंतु और पक्षियों की भी अकाल मृत्यु हो गई। मिनी स्टेडियम के सामने निर्धन दुकानदारों का दुकान अब नाली के सामने आ गया सभी दुकानदार एक सप्ताह से अधिक दिन हुए दुकान बंद कर बारिश के मौसम में अपने व्यवसाय को तबाह होते, चौपट होते देख रहे हैं ।
▪️उक्त पोस्ट का सोशल मीडिया में चलने से आम जनता भी मुखर होकर अपनी नाराजगी जाहिर करनें लगी हैं….कांकेर भानुप्रतापदेव महाविधालय के पास भी मिट्टी का ढेर लगा दिया गया हैं,गड्ढे अलग हैं जिससे दुर्घटना की आंशका हमेशा बनी रहती हैं…..पुल से लेकर सिंगारभाट तक की स्थिति भी बहुत खराब हैं…. लोगों का मानना हैं की कांकेर वासियों को चौड़ीकरण हेतु लंबी प्रतिक्षा करनी पड़ी हैं जब वर्षो इंतजार के बाद कार्य हो रहा हैं तो इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दास्त नहीं की जायेगी अन्यथा इसका कड़ा विरोध किया जाएगा…..।।
