Home

भाजपा का उदार चेहरा राजनाथ सिंह कांकेर में

राजनाथ सिंह के स्वागत हेतु भाजपा सांसद,विधायक सहित पूर्व मंत्री ने भी झोंकी ताकत....

 

▪️अनूप शर्मा▪️

( बस्तर बन्धु)
कांकेर – भाजपा के ऊंचे कद के बहुत ही सरल एवं उदारवादी नेता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कांकेर आगमन की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं…..पूर्व में आयोजन मेलाभाटा मैदान में तय किया गया था लेकिन जगह की कमी को देखते हुए कांकेर नगर के ऐतिहासिक रियासतकालीन नरहरदेव मैदान में उक्त आयोजन किया जा रहा हैं…..एक जुलाई को उनका आगमन हो रहा हैं जिसकी तैयारी में प्रमुख रूप से कांकेर सांसद मोहन मंडावी, पूर्व मंत्री केदार कश्यप, भाजपा के वरिष्ठ विधायक शिवरतन शर्मा,अपैक्स बैंक के पूर्व चेयरमैन महावीर सिंह राठौर,भाजपा के कांकेर जिला अध्यक्ष सतीश लाटिया लगातार कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की बैठके कर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जुटे हुए हैं…..राजनाथ सिंह इससे पूर्व भी दो बार कांकेर आ चुके हैं….जुलाई माह की पहली तारीख को भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कांकेर आगमन एक लंबे अरसे के बाद हो रहा है। वे न केवल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा केंद्रीय मंत्री बल्कि एक कुशल संगठक भी रह चुके हैं ।उन्हें भाजपा का उदार चेहरा माना जाता है। वे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सांसद हैं जो मुस्लिम बहुल संसदीय क्षेत्र है । अल्पसंख्यकों के दिलों में राजनाथ सिंह के लिए बहुत आदर सम्मान है । इसी तरह राजनाथ सिंह जी के ह्रदय में अल्पसंख्यकों तथा उनके धर्म- गुरुओं, रीति-रिवाजों के लिए बहुत सम्मान है। यही कारण है कि लखनऊ की जनता उन्हें भारी बहुमत से जीत दिलाती आई है, जो अल्पसंख्यकों के मतों के बिना संभव नहीं है। कांकेर वासियों को याद होगा कि बहुत पहले जब राजनाथ सिंह आए थे, तब उनकी जनसभा मस्जिद के सामने ग्राउंड में हुई थी। भाषण के मध्य अजान होने पर राजनाथ सिंह ने अपना भाषण रोक दिया और 2 मिनट बाद अजान संपन्न हो जाने के पश्चात ही भाषण शुरू किया। भाजपा के कई फायरब्रांड नेताओं की तरह राजनाथ सिंह अल्पसंख्यकों के खिलाफ कभी बिगड़े बोल नहीं बोलते हैं। जहां जाते हैं, उनका भव्य स्वागत होता है। फिलहाल वे कांकेर आ रहे हैं। आशा की जाती है कि वे कांकेर तथा बस्तर अंचल की नक्सल समस्या पर कुछ कहेंगे तथा आवश्यक समाधान कारक उपायों पर जोर देते हुए उन पर अमल भी कराएंगे । कांकेर की ग्रामीण जनता वर्तमान में मानसून के चलते कृषि कार्य में व्यस्त है, इसलिए बरसों पहले जैसी विशाल सभा होने की संभावना तो नहीं है, फिर भी सादगी पूर्ण स्वागत तो निश्चित है।

Bastar Bandhu

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button