बस्तर सांसद दीपक बैज को छत्तीसगढ़ में प्रदेश कांग्रेस की कमान…
कांग्रेस संगठन को पुनः मजबूत करना होगी बड़ी चुनौती

▪️बस्तर बन्धु की रिपोर्ट ▪️
रायपुर – रायपुर। सांसद दीपक बैज को छत्तीसगढ़ में प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंप दी गई है। बैज को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का आदेश देर शाम जारी हुआ। मोहन मरकाम को फिलहाल संगठन में कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।बस्तर सांसद दीपक बैज को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने से…..कांग्रेस संगठन में आएगी मजबूती…..दीपक बैज एक ऊर्जावान आदिवासी होने के साथ साथ बहुत ही सहज, सरल व्यक्तित्व के धनी तथा युवा सांसद व प्रखर वक्ता भी हैं….जिनकी भाषण शैली लोगों को अपनी ओर आकर्षित करनें का माद्दा रखती हैं….उनके उद्बबोधन लोगों को बांधे रखती हैं…..विधानसभा चुनाव से पहले चार महीने पहले मरकाम की पीसीसी अध्यक्ष पद से छुट्टी किए जाने के पीछे कई कारण हैं। पार्टी नेता कह रहे हैं कि उनका कार्यकाल पूरा हो गया था। इस वजह से आलाकमान ने यह बदलाव किया है। वहीं, मरकाम के कार्यकाल में कई बार सरकार और संगठन के बीच टकराव की खबरें आती रही। इस बीच महामंत्रियों की नियुक्ति को लेकर पिछले महीने जो हुआ उसके बाद मरकाम का जाना पूरी तरफ फाइनल हो गया। बात दें कि मरकाम ने पिछले महीने अचानक पार्टी के महामंत्रियों की नियुक्ति की, लेकिन इसके लिए उन्होंने न तो प्रदेश प्रभारी से बात की और न ही प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की। इसके बाद प्रदेश प्रभारी सैलजा ने महामंत्रियों की नियुक्त के आदेश को रद्द कर दिया। एक सांसद के रूप में वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर हमेशा सक्रिय रहते आए हैं….केंद्रीय रक्षा मंत्री के छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद से ही कांग्रेस पार्टी सक्रिय हो गई हैं….कांग्रेस आला कमान आने वाले चुनाव को लेकर किसी भी प्रकार चूक नहीं करना चाहती हैं….पिछले लगभग 5 साल से कांग्रेस संगठन बहुत कमजोर हो चुकी थी जिसे पुनः मजबूत करना दीपक बैज के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी…. क्यों की ग्रामीण स्तर से ब्लाक स्तर ,जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कांग्रेस संगठन से लोग कार्यकर्ता दूरी बनाने में लगे हुए थे….इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण सत्ता पक्ष में बैठे हुए लोगों द्वारा केवल चाटुकारों को सरंक्षण देना सीधे मुंह बात नहीं करना….कांग्रेस की सत्ता आते ही भाजपा के लोगों पद प्रतिष्ठा एवं व्यवसाय में आर्थिक लाभ पहुंचाना….इस तरह के अनेक कारण रहें हैं….जिससे कांग्रेस के कार्यकर्ता दूर होते गए जिन्हें पुनः जोड़ना भी दीपक बैज के लिए बड़ी चुनौती होगी।



