क्या उदय नगर का नाम सुअर पालन केंद्र कर देना चाहिए….? कॉलोनी में सुअर पालन किए जाने से उदय नगरवासी परेशान…..

क्या उदय नगर का नाम सुअर पालन केंद्र कर देना चाहिए….? कॉलोनी में सुअर पालन किए जाने से उदय नगरवासी परेशान….


◾बस्तर बन्धु◾
_कांकेर । कहा जाता है कि हमारे देश में जनता की स्मरण शक्ति बहुत कम होती है । यह कहावत बड़ी हद तक सच भी है । इसके अनेक उदाहरण मिलते हैं लेकिन यहां एक ही उदाहरण की चर्चा हम करेंगे । सन् 1990 में सुप्रीम कोर्ट ने एक रूलिंग दी थी कि शहरी क्षेत्र में डेयरीज़ ,हैचरीज़, पोल्ट्री फार्मिंग तथा पिगरीज़ नहीं होनी चाहिए। सन् 1993- 94 में अविभाजित मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के शासनकाल में इसे संपूर्ण प्रदेश में लागू भी किया गया था और अन्य शहरों की तरह काँकेर में भी डेयरी फार्मिंग आदि करने वालों को नोटिस मिल गई थी। आज कांकेर शहर की सीमा के अंतर्गत सभी पुरानी डेयरीज़ या तो बिक चुकी हैं, बंद हो चुकी हैं या फिर शहर के बाहर ले जाई जा चुकी हैं लेकिन विगत 10- 15 वर्षों से शहर की प्रतिष्ठित कॉलोनी उदय नगर कॉलोनी में बे-रोक-टोक सुअर पालन करवाया जा रहा है। वेस्ट मटेरियल ला कर यहां इनको खाने को दिया जाता है। सुअर दिनभर कॉलोनी में घूमघूमकर गंदगी मचाते हैं। प्रशासन को कई बार इसकी शिक़ायतें की जा चुकी हैं लेकिन हर बार आश्वासन देकर बेवकूफ़ बना दिया जाता है। शहर के बैंक अधिकारी भी धड़ाधड़ पिगरीज़ लोन देते जा रहे हैं लेकिन उसमें यह शर्त नहीं रखने कि पिगरीज़ का स्थान शहर से बहुत दूर होना चाहिए। हम ग़रीबों को सुअर पालन हेतु लोन देने के विरुद्ध नहीं है लेकिन आवश्यक शर्तों का तो पालन होना ही चाहिए। लगता है कि बैंक वाले तथा शासकीय अधिकारी सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के बारे में जानते ही नहीं है अथवा पुराने मध्य प्रदेश के समय के क़ानून को मानते ही नहीं हैं। ये सुअर केवल उदय नगर ही नहीं बल्कि उदय नगर से लगे वार्डो में भी घुसकर गंदगी फैलाते हैं.जिनमें प्रमुख रूप से आदर्श नगर,शिव नगर,राम नगर के अलावा उदय नगर से लगे महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान भानुप्रतापदेव कॉलेज,आत्मानंद स्कूल, शिक्षा प्रशिक्षण महाविद्यालय ,सेन्ट माइकल स्कूल भी शामिल हैं।शहरी क्षेत्र में सुअर पालन करने से गंभीर बीमारियां भी लोगों को हो रही हैं। सुअर जनित स्वाइन फ्लू बीमारी भी सारे विश्व में लगातार संकट बनी हुई है लेकिन इस दिशा में ना ही जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई पहल की जाती है और ना ही _प्रशासन द्वारा कोई उचित क़दम_ _उठाया जाता है।सुअर पालन करने वाले अपने आप को किसी बड़े माफिया से कम नहीं समझते हैं क्योंकि इन्हें राजनीतिक आकाओं का संरक्षण भी प्राप्त है,_ _जिला प्रशासन तत्काल इस दिशा में आवश्यक क़दम उठाए एवं सुअरपालन हेतु शहरी सीमा के
काफी बाहर स्थल आबंटित करवाए। कांग्रेस नेता अनूप शर्मा ने बताया की उनके द्वारा सन 2014 से उदय नगर वार्ड से सुअर पालन केंद्र हटाने की मांग की जाती रही हैं….लेकिन प्रशासन द्वारा हर बार आश्वासन दिया जाता हैं लेकिन कार्यवाही नहीं होती हैं…..उन्होंने जिला प्रशासन से मांग करते हुए इस दिशा में आवश्यक एवं ठोस क़दम उठाने की मांग जिला प्रशासन से की है ।
